Napoo Foundation ने कई सालों तक तत्व विज्ञान (Element Science) की खोज करके समस्याओं के आधार पर तत्व पद्धति (Therapy) विकसित की है जो यह सुनिश्चित करती है कि कौन सी समस्या के लिए किस तत्व का (कितना और कैसे) प्रयोग करना चाहिए | Napoo healing विश्व भर में एकमात्र ऐसी पद्धति है जिसमे समस्याओं का समाधान तत्व उपचार से किया जाता है |

Napoo healing तत्व आधारित गूढ़ उपचार विधि(Methods) है जो नकारात्मक ऊर्जा और दुष्ट शक्तियों को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए अति लाभकारी है | Napoo सभी प्रकार की अशुभ परिस्थितियों और असहनीय दुखों से सम्पूर्ण राहत प्रदान करता है क्योंकि यह एक गुप्त(Secretive) आध्यात्मिक तकनीक(Technique) है | भारत और विदेशों में रहने वाले लोगों में Napoo अपने अद्वितीय परिणामों के कारण बहुत तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि यह अन्य सभी उपचार पद्धतियों(Healing Methods) से भिन्न और प्रभावशाली है |

Napoo healing का उपयोग निम्न परिस्थियों में अवश्य करें:

  • हर समय अकारण तनाव होना अथवा डर लगना
  • स्वयं को अकेला, असुरक्षित, असहाय महसूस करना
  • नींद ना आना अथवा सपने में मृतकों को देखना
  • गंदे या डरावने सपने आना अथवा नींद में डर लगना
  • बिना कारण रोना आना या कहीं भागने का मन करना
  • नकारात्मक विचार आना और नकारात्मक क्रियाएं करना
  • किसी व्यक्ति के घर पर आने के बाद अकारण कलेश होना
  • किसी व्यक्ति से मिलने पर शरीर भारी होना या बुखार होना
  • किसी भी वस्तु अथवा व्यक्ति तक पहुँचने में असफल रहना
  • किसी व्यक्ति द्वारा कुदृष्टि लगना, श्राप देना या टोटका करना
  • किसी अदृश्य शक्ति का आभास होना, सुनाई देना या दिखाई देना
  • परिवार सदस्यों में एक दूसरे के प्रति प्रेम और विश्वास में कमी होना
  • घर में सुख समृद्धि की कमी रहना और हमेशा किसी सदस्य का बीमार रहना

हमारा शरीर पंचतत्वों (अग्निवायुजलपृथ्वी और आकाश) से बना है इसलिए जब किसी व्यक्ति पर नकारात्मकता का प्रभाव होता है या उसे कोई नकारात्मक शक्ति हानि करती है तब उसके शरीर के तत्व असंतुलित हो जाते हैं जो मानसिकशारीरिक और अन्य सांसारिक समस्याओं का कारण बनते है ।

दूसरों की नकारात्मक ऊर्जा का हमारे जीवन से बहुत गहरा सम्बन्ध है क्योंकि हमारे जीवन में उत्पन्न होने वाली अधिकतर समस्याएं दूसरों के कारण ही होती है | दूसरों के विचारदूसरों की गति और दूसरों का स्वभाव, शरीर के सभी तत्वों को प्रभावित करके जीवन को गुप्त रूप से संचालित करता है |

यहाँ तक कि आकाशगंगा में स्थित ग्रह (सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध,बृहस्पति, शुक्र और शनि) भी अपने स्वभाव और गति के अनुसार अपनी सूक्ष्मकिरणों द्वारा पृथ्वी पर उपस्थित सभी जीवों के शारीरिक तत्वों को निरंतर प्रभावित करते रहते है जिसके कारण हर व्यक्ति को प्रतिदिन नई समस्या का सामना करना पड़ता है | इसके अतिरिक्त पृथ्वी ग्रह पर उपस्थित सभी जीवों और वस्तुओं द्वारा भी हमारे शारीरिक तत्व असंतुलित होते रहते है |

शरीर के सभी तत्वों को संतुलित करने के लक्ष्य से Napoo Foundation ने वर्ष 2004 में तत्व आधारित Napoo healing विकसित की है इस तत्व आधारित गुप्त पद्धति से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से बचाव के अतिरिक्त और बुरी नज़र(Evil eye), टोना-टोटका(Black Magic), मंत्रघात(Spells) श्राप(Curse) प्रेतात्मा(Spirit) आदि सम्बंधित समस्याओं से स्थायी छुटकारा मिलता है | Napoo healing का किसी धर्म से कोई सम्बन्ध नहीं है यह किसी भी व्यक्ति को उसके धार्मिक या आध्यात्मिक विश्वासों को बदलने के लिए नहीं कहता है और यह अन्य सभी प्रकार की healings और अनुष्ठानों से बिलकुल अलग है Napoo healing पद्धति के पीछे मूल अवधारणा यह है कि शरीर के सभी तत्व संतुलित करने से आंतरिक और बाहरी नकारात्मकता प्रभाव नहीं करती है जिससे जीवन में समस्याएं उप्तन्न नहीं होती है | 

सभी जानते है कि जीव पृथ्वी पर कर्म करता और यहीं अपने सभी प्रकार के कर्मफलों को भोगता भी है इसका सीधा अर्थ यह है कि जीव पर पृथ्वी का प्रभाव सबसे अधिक है | प्राय: यह भी कहा जाता है कि आत्मा मनुष्य जन्म सहित चौरासी लाख प्रकार के जन्म लेती है और इन सभी योनियों का वर्णन पृथ्वी पर ही है | ऐसा एक भी प्रमाण नहीं है जिससे यह निश्चित हो कि आत्मा किसी अन्य ग्रह पर जाकर जन्म लेती है | यह भी सभी जानते है कि मृत्यु के बाद आत्मा पृथ्वी पर ही प्रेतात्मा बनती है और बुरी नज़र, टोने-टोटके और प्रेतबाधा पृथ्वी पर रहने वाले जीवों को ही होती है |

इसका सीधा अर्थ यह है कि बुरी नज़र, टोने-टोटकों, नकारात्मकता और प्रेत बाधा का सम्बन्ध केवल पृथ्वी से है | यह स्पष्ट है कि प्रेत किसी अन्य ग्रह से नहीं आते है इसलिए प्रेत बाधा के लिए पृथ्वी के अतिरिक्त ग्रहों की गणना करना उचित नहीं है | पृथ्वी पर ही प्रेत बाधा के लिए क्रियाएं होती है उसके लिए किसी अन्य ग्रह पर नहीं जाना पड़ता है | प्रेतबाधा और ग्रहचाल, दोनों भिन्न भिन्न विषय है लोग जन्मकुंडली द्वारा ग्रहों की गणना करते समय सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहू और केतू की गणना तो करते है परन्तु पृथ्वी की गणना कभी नहीं करते है | पृथ्वी का सम्बन्ध सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों और ऊर्जाओं से है इसलिए जीव पर पृथ्वी के प्रभाव को अनदेखा करना, गंभीर गणना-दोष कहा जा सकता है | सभी ग्रहों के साथ पृथ्वी की गणना नहीं करने का अर्थ है कि आप जिस घर में रहते हो उसके बारे में ना सोच कर पड़ोसियों के घर का हिसाब लगाकर दुखी होते रहते हो | पृथ्वी से दूर के सभी ग्रहों  की गणना कर ली लेकिन जिस पर रहते हो उसका सोचा तक नहीं | यदि पृथ्वी की गणना करनी आ जाये तो सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों की गणना करनी आ जाती है |   

बुरी नज़र, टोटकों या प्रेतात्मा से पीड़ित अधिकतर लोग ग्रहों से सम्बंधित उपाय करना शुरू कर देते है, नकारात्मक शक्तियों की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण भी ऐसा समझा और बताया जाता है कि ग्रह सम्बंधित उपायों को करने से बुरी नज़र, टोटकों, प्रेतात्मा इत्यादि की समस्या शक्तियां समाप्त हो जाएगी परन्तु समस्या ठीक नहीं होती क्योंकि गलत उपायों के नकारात्मक फल से कुदृष्टि, टोना टोटका, प्रेतात्मा इत्यादि नकारात्मक शक्तियों को बल मिलता है जिससे हर उपाय को करने के बाद समस्या गंभीर होती रहती है | प्रेतात्मा का उपचार करने से पहले यह समझ होनी चाहिए कि आकाश में स्थित ग्रह और पृथ्वी पर उपस्थित नकारात्मक शक्तियां भिन्न-भिन्न हैं और दोनों का कार्य और प्रभाव भी भिन्न ही है | ग्रह आकाश में है जो एक गति व दिशा में चलते है जबकि प्रेतात्मा पृथ्वी पर है जिनकी गति व दिशा ग्रहों जैसी बिलकुल भी नहीं है इसलिए ग्रहों के उपाय करने से प्रेतात्मा का प्रभाव कभी भी समाप्त नहीं होता |

यदि ग्रहों के उपायों को करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रहे तो यह इस बात का प्रमाण है कि समस्या का संबंध ग्रहों से नहीं बल्कि नकारात्मक शक्तियों से है | नकारात्मक शक्तियों का उपचार करने के लिए प्रेतात्मा, बुरी नज़र, टोटकों इत्यादि के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान होना अति आवश्यक है क्योंकि इसमें आधी-अधूरी जानकारी हानि करती है | नकारात्मक शक्तियों के प्रकार का पता लगाकर और उसके नकारात्मक प्रभाव के आधार पर ही सटीक उपचार करना चाहिए | एक समझने वाली विशेष बात यह है कि बार- बार उपायों को बदलने से और आधारहीन या तर्कहीन उपायों को करने से नकारात्मक शक्तियों को बल मिलता है जिससे समस्या अधिक गंभीर हो जाती है |

कुछ प्रेतात्माएं सहायक होती है जिनके लिए किसी उपाय की आवश्यकता नहीं होती बल्कि उनसे लाभ उठाने का तरीका पता होना चाहिए | एक साथ अनेकों प्रकार के उपायों को करना कभी भी लाभदायक नहीं है | सर्वप्रथम यह पता होना चाहिए कि किस समस्या में किस प्रकार का उपचार (उपाय) लाभकारी होता है तभी उपचार करना संभव है | 

हर युग में समस्या के समाधान की प्रणाली बदलती रहती है इसलिए समय और आवश्यकता के आधार पर विधियों और उपायों में बदलाव होता रहता है इसलिए पुराने समय की समस्या के लिए हो चुका उपाय आज की समस्या के लिए कारगर नहीं है | उपायों के नवीनीकरण का ज्ञान अंधविश्वास और भय से मुक्ति भी दिलाता है |

नज़र लगना, टोने-टोटकों और प्रेतात्मा के उपचार के लिए Napoo Healing Course आरंभ किया गया है | Napoo में सभी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव की पहचान करना और उसको जड़ से समाप्त करना बताया जाता है | Napoo healing course वैज्ञानिक और प्राकृतिक तर्क के मिश्रण पर आधारित है और यह तांत्रिक क्रियाओं से बिलकुल भिन्न है | यह उन लोगों के लिए है जो इन समस्याओं से पीड़ित है या दूसरों को लाभ पहुंचाना चाहते है |

Napoo healing course के पहले भाग में  नकारात्मक शक्ति का प्रकार और उससे हानि के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान है, इसके दूसरे भाग में नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव में क्या क्या नहीं करना चाहिए जिससे सटीक उपायों का शीघ्र लाभ मिल सके इत्यादि का ज्ञान है और इसके तीसरे भाग में तत्व आधारित उपायों द्वारा नकारात्मक शक्तियों को सकारात्मक शक्ति में परिवर्तित किया जाता है | इसी विशेषता के कारण Napoo healing course विश्व की एकमात्र प्रणाली है जो विज्ञान और ज्ञान का संगम है |  

Napoo healing course में निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर मिलता है जैसे:

आत्मा से बनी प्रेतात्मा, आत्मा से अधिक शक्तिशाली क्यों हो जाती है

प्रेतात्मा में अपार शक्ति है फिर भी किसी के कहने पर कार्य क्यों करती है

किसी को हानि या लाभ पहुंचाने में प्रेतात्मा का क्या निजी स्वार्थ होता है

किसी व्यक्ति के द्वारा नियंत्रित/काबू प्रेतात्मा को कोई दूसरा व्यक्ति नियंत्रित कैसे करता है

अनियंत्रित/बेकाबू भटकती प्रेतात्मा किसी अनजान व्यक्ति का लाभ या हानि क्यों करती है

प्रेतात्माओं का आपसी संबंध किसी अनजान व्यक्ति की हानि कैसे करते है

प्रेतात्मा की प्रिय क्रीडा क्या है और उसे प्रसन्न करने की विधि क्या है

बुरी दृष्टि और टोने-टोटकों में प्रेतात्मा की क्या भूमिका होती है

प्रेतात्मा से स्थायी मुक्ति और प्रेतात्मा की मुक्ति का सरल मार्ग क्या है

and many more....

Napoo healing निम्न परिस्थितियों में अति लाभकारी है:

  • जब कोई परिवार के सदस्यों के बीच संघर्ष पैदा करने के लिए नकारात्मक ऊर्जा का प्रयोग करता है
  • जब कोई पति-पत्नी के बीच अलगाव पैदा करने के लिए अनावश्यक कारण बनाता है
  • जब कोई आपकी सफलता को रोकने के लिए नकारात्मक शक्तियों के माध्यम से बाधा पैदा करता है
  • जब किसी की नकारात्मक ऊर्जा आपको शारीरिक रूप से हानि पहुँचाती है या आप हमेशा बीमार महसूस करते हैंलेकिन चिकित्सा रिपोर्ट वास्तविक समस्या को पहचानने में विफल होती है
  • जब सभी अन्य चिकित्सा तकनीक नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं
  • जब कोई आपके मन और शरीर को नियंत्रित करता है और आपको गलत गतिविधियों या गलत फैसलों में खींचता है
  • जब सभी उपाय व आशीर्वाद निष्फल हों और शुभकर्म करने पर भी कोई सकारात्मक परिणाम प्राप्त नहीं होता है
  • जब कोई प्रार्थना या आशीर्वाद, नकारात्मक ऊर्जा और मस्तिष्क प्रोग्रामिंग के खिलाफ काम नहीं करता है
  • जब आपका मन सोचने में असमर्थ हैतो हमेशा भ्रमित और भयभीत है
  • जब आपकी आभा नकारात्मक शक्तियों को आकर्षित करता है जो मस्तिष्क और दुर्भाग्य का कारण बन जाता है
  • जब केवल नकारात्मक विचार सच हो जाते हैं और आप सकारात्मक सोचने में असमर्थ होते हैं
  • जब घर में नकारात्मकता और भारीपन महसूस हो रहा हैतो सभी रिश्तों में झगड़ेतर्क और मतभेद पैदा हो जाते हैं।
  • जब नकारात्मक ऊर्जा सभी कुछ स्थायी रूप से नियंत्रित कर लेती है जिससे चेहरे और घर की चमक समाप्त हो जाती है |

सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं और अदृश्य शक्तियों से स्थायी छुटकारा पाने के लिए Napoo healing का लाभ उठाएं और इसके बारे में अपने मित्रों को भी अवश्य बताएँ |

Napoo Foundation